योगाभ्यास स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। लेकिन अगर आप अक्सर जोड़ों के दर्द (Joint Pain) से परेशान रहते हैं तो आपको कुछ योगासन करने से बचना चाहिए।
17 साल पहले ऐसी दिखती थीं मौनी रॉय (Mouni roy), तस्वीरें देख फैंस को नहीं हुआ यकीन
जब भी व्यायाम की बात आती है तो ज्यादातर लोग योग को प्राथमिकता देते हैं। इसमें सांस लेने की तकनीक पर अधिक ध्यान दिया जाता है। वहीं, दिमाग और शरीर को संतुलित करने के लिए कई तरह के आसन किए जाते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि योग हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद है और यह स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है। यह बात काफी हद तक सही भी है, लेकिन इसे पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। जब आप योगाभ्यास करते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि इसका आपके स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही किसी भी आसन को करते समय आपको अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कैमल पोज (Joint Pain)
उष्ट्रासन करने के लिए घुटनों के बल खड़ा होना पड़ता है। फिर शरीर को पीछे की ओर ले जाएं और पूरा वजन एड़ियों पर डालें। ऐसे में घुटनों (Joint Pain) पर काफी दबाव पड़ता है। जिससे कमजोर घुटनों वाले लोगों को चोट लगने का खतरा रहता है और दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
डीप बैकबेंड्स पोश्चर
वैसे तो डीप बैकबेंड आसन करने से पाचन तंत्र आदि पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है, लेकिन अगर आप जोड़ों के दर्द (Joint Pain) से पीड़ित हैं तो आपको चक्रासन या उष्ट्रासन जैसे आसन नहीं करने चाहिए। ऐसे आसन आपकी रीढ़ और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। विशेष रूप से आपको पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों और कंधों पर अत्यधिक दबाव महसूस हो सकता है। इसलिए अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो इन आसनों से बचें।
त्रिकोणासन (Joint Pain)
त्रिकोणासन करने के लिए शरीर को कमर से मोड़ना होता है। साथ ही घुटनों को बिल्कुल सीधा रखा जाता है। शरीर को मोड़ने और हाथों को हवा में रखने की स्थिति में पूरा केंद्र घुटनों पर हो जाता है। जिसके कारण त्रिकोणासन में घुटने में चोट लगने (Joint Pain) का खतरा रहता है। ऐसी चोटों से बचने के लिए त्रिकोणासन से बचना जरूरी है।
डीप स्क्वॉट्स पोश्चर
ऐसे कई आसन हैं, जिनमें शरीर डीप स्क्वाट मुद्रा में रहता है। लेकिन अगर कोई जोड़ों के दर्द (Joint Pain) से पीड़ित है तो उसे मलासन या उत्कटासन आदि जैसे गहरे स्क्वाट आसन करने से बचना चाहिए। ऐसे आसन घुटनों और कूल्हों पर बहुत अधिक दबाव डाल सकते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।
पद्मासन
पद्मासन का अभ्यास मानसिक शांति के लिए किया जाता है। साथ ही प्राणायाम के लिए पद्मासन मुद्रा को अक्सर सर्वोत्तम माना जाता है। लेकिन अगर आप घुटनों के दर्द (Joint Pain) से पीड़ित हैं तो इस मुद्रा में बिल्कुल भी न बैठें। इस आसन की स्थिति में बैठते समय पैरों का मध्य भाग घुटनों पर आ जाता है। जिसके कारण घुटनों में दर्द होने लगता है। अगर आप गठिया या घुटनों में सूजन से पीड़ित हैं तो पद्मासन आपको परेशानी दे सकता है।
घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध गुलाब जल (Rose Water), लगाते ही चमक उठेगा चेहरा
स्टोरी अच्छी लगी हो तो लाइक और शेयर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें genzlives.com से।